अंजीर की खेती किसानों की सेहत के साथ जेब भी करेगी हरी भरी, देखे कैसे करे खेती

अंजीर की खेती भारत, अमेरिका और अफ्रीका से लेकर बहुत से देशों में की जाती है। इसके फल का बहुत अधिक मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। इसके फल की सुखाकर बहुत सी चीजों के इस्तेमाल में लाया जाता है। और इसके पके हुए फलों को मुरब्बा बनाने में भी उपयोग किया जाता है। इसके फल को ताजा और सुखाकर उपयोग में लाया जाता है. आपको हम बता दे की यह खेती ऐसी जगह की जाती है जहा जलवायु शुष्क होती है। भारत में इसकी खेती तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात के अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अधिक मात्रा में की जाती है। अंजीर की खेती करने के बाद यह दो सालो में फल देना शुरु कर देते है। इसके चार-पांच साल पुराने एक पौधे से 15 किलो के आसपास फल निकलते है। अंजीर के पौधों से एक बार में 12000 रुपए तक की कमाई की जा सकती है।

कहा होती है सबसे ज्यादा अंजीर की खेती

हम आपको बता दे की इस सेहत नामी फल की खेती ज्यादा महाराष्ट्र में बहुत अधिक मात्रा में की जाती है। वर्तमान में, महाराष्ट्र में कुल 417 हेक्टेयर क्षेत्र में अंजीर की खेती की जाती है। जिसमें से 312 हेक्टेयर से अधिक पुणे जिले से यह निकलते है। अंजीर खाने में बहुत पोस्टिक और शरीर के लिए बहुत ज्यादा फ़ायदेमंग होता है। और इसे एक औषधि के रूप में भी माना गया है। अंजीर में 10 से 28 प्रतिशत चीनी होती है. चूना, लोहा और विटामिन ए और सी की कमी को भी दूर करता है। अंजीर को बहुत से फलों से भी ज्यादा पोस्टिक माना गया है। इसे खाने से हमारे शरीर में एक औषधि की तरह फायदे होते है।

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अंजीर की खेती के लिए मैसम

हम आपको बता दे की जिस तरह अंजीर खाने के फायदे है उसी तरह इसकी खेती के लिए भी मौसम जरूरी होता है, हम अंजीर की खेती गर्म और शुष्क जलवायु में अच्छी तरह कर सकते है। इस वजह से महाराष्ट्र में इस फल की खेती बढे पैमाने पर की जाती है। कम तापमान की वजह से इस फसल की नुकसान हो सकते है। अंजीर को उगने के लिए ज्यादा पानी की जरुरत नहीं होती है। जहां अक्टूबर से मार्च तक पानी की उपलब्धता कम होती है। ऐसा मैसम इस खेती के लिए अच्छा रहता है।

अंजीर की खेती के लिए मिट्टी

हम आपको बता दे की इस फल की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी काली या लाल मिट्टी अच्छी और बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है। बड़ी मात्रा में चूना पत्थर के साथ नमकीन काली मिट्टी भी इस फसल के लिए अच्छी होती है। अच्छी जल निकासी वाली गहरी मिट्टी अच्छी होती है। इस फलदार वृक्ष के लिए बहुत अधिक काली मिट्टी फायदेमंद होती है। पेड़ उथली और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में बहुत कम बढ़ता है। और फल भी कम देता है।

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अंजीर की उन्नत नस्ले और मुनफा

हम आपको बता दे की अगर आप अंजीर की खेती कर के अच्छा मुनफा कमाना चाहते है तो आपको अंजीर की उन्नत किस्मो की जरूरत होंगी जिसमे आपको अच्छा मुनाफा कमा सकते है, अंजीर की बहुत सी उन्नत नस्लें होती है। सिमराना, कालीमिरना, कडोटा, काबुल, मार्सेलस, और वाइट सैन पेट्रो जैसी बहुत सी नस्ले होती है। पुणे क्षेत्र को पूना अंजीर के नाम से जाना जाता है। जो किस्म प्रमुख रूप से महाराष्ट्र में उजाई जाती है। इसमे आपको बता दे की इसका ज्यादा उपयोग दवाईया बनाने के लिए कीया जाता है और इससे आपको बता दे की इसकी कीमत बाजार के भाव पर दी जाती है और कंपनियां भी अच्छा पैसा दे सकते है।

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